द कश्मीर फाइल्स
अब दिखी सच्चाई,
जब उखडी टाइल्स।
जब खुली,
द कश्मीर फाइल्स।
हर लिबरल की
निकल गई हवा।
आडे हाथ
हो गई दवा।
यह movie ही नहीं,
तोप है गोली है।
जीसे सुना नहीं गया,
उन पन्डितो की बोली है।
उनकी बोली में भय है,
आतंक है अल जिहाद का ।
कानून ने नहीं दिया
जबाब फरियाद का ।
अब भनक लगी
कारवा में हलचल है।
देश की जन्नत में,
ढका हुआ दलदल है।
सरकारों से
मांगें होगी तेज।
राष्ट्रवादियों का
रहेगा क्रेज।
बड़े कड़े फैसले,
सरकार लेने लगेगी।
गुनाहगारों को,
सजा देने लगेगी।
क्योंकि जो चला था,
आने के लिए।
पूरी मानवता को,
खाने के लिए।
वह अब फासले से,
करीब आ चुका है।
उंगली, हाथ, बाहु,
अब गले को छु चुका है।
शेर जगा नहीं था,
जगा दिया गया है।
दरिन्दों को सत्ता से,
भगा दिया गया है।
असलीयत में डर,
अब लगना शुरू होगा।
जो नहीं थे यहाँ के,
भागना शुरू करेगा ।
लाखों भारतीय भागे,
भारत के ही फसाद से।
अब हर हिन्दू लडेगा,
मुस्लिमों के जिहाद से।
हजारों साल से गंगा,
मैली है ध्यान नहीं दिया।
साफ सफाई का,
अभियान नहीं किया।
टाइल्स भी उखाडेंगे,
हकीकत भी दिखाएंगे।
जिस भाषा के तुम ज्ञाता हो,
उसी भाषा में बताएंगे।

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